
मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस अब मध्य प्रदेश के सबसे हाई प्रोफाइल मामलों में शामिल हो चुका है. आज जबलपुर हाई कोर्ट में आरोपी सास और पूर्व जिला जज गिरीबाला सिंह के साथ पति समर्थ सिंह की जमानत याचिकाओं पर अहम सुनवाई होने जा रही है. मामले की गंभीरता और बढ़ते राजनीतिक-कानूनी दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने इस केस को बेहद संवेदनशील श्रेणी में रखा है. यही वजह है कि पीड़ित परिवार का पक्ष रखने के लिए मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल के साथ केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल भी कोर्ट में पेश हो सकते हैं. हाई कोर्ट में होने वाली यह सुनवाई केवल जमानत तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इससे पूरे केस की आगे की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है.
इधर ट्विशा शर्मा केस की जांच CBI को सौंपने की मांग ने भी बड़ा राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है. सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की सिफारिश की है. राज्य सरकार का मानना है कि केस में लगातार सामने आ रहे डिजिटल एविडेंस, हाई प्रोफाइल नाम और जांच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच निष्पक्ष और व्यापक जांच जरूरी हो गई है. ट्विशा शर्मा के परिवार ने शुरुआत से आरोप लगाया है कि उनकी बेटी मानसिक प्रताड़ना और दबाव में थी. परिवार लगातार कॉल डिटेल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस सुरक्षित रखने की मांग करता रहा है. अब CBI जांच की सिफारिश के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है.
