
देश की राजनीति में अक्सर नए नारे, नए संगठन और नए डिजिटल ट्रेंड आते रहते हैं. लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ यानी CJP नाम का एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन मूवमेंट अचानक ऐसा वायरल हुआ कि उसने सत्ता, विपक्ष और सुरक्षा एजेंसियों तक को बेचैन कर दिया. शुरुआत में इसे बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं की नाराजगी से जुड़ा एक मीम ट्रेंड माना गया था. सोशल मीडिया पर लाखों युवा इससे जुड़ते गए. मजाक-मजाक में बने पोस्ट और वीडियो ने कुछ ही दिनों में करोड़ों व्यूज बटोर लिए. लेकिन अब कहानी सिर्फ मीम और मजाक तक सीमित नहीं रही. सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि यह डिजिटल गुस्सा कहीं जमीन पर उतरकर बड़ा आंदोलन न बन जाए. सबसे बड़ी चिंता इसकी तेजी से बढ़ती पहुंच और इसके पीछे काम कर रहे नेटवर्क को लेकर है. एजेंसियों का मानना है कि जिस रफ्तार से यह प्लेटफॉर्म बढ़ा, वह सामान्य सोशल मीडिया ट्रेंड जैसा नहीं दिखता. यही वजह है कि अब इसके विदेशी कनेक्शन, टेलीग्राम नेटवर्क और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
