
पुणे के सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट से नकल का ऐसा हाई-टेक और अनोखा मामला सामने आया है, जिसने परीक्षा कराने वाले पूरे सिस्टम के होश उड़ा दिए हैं. इंजीनियरिंग की परीक्षा के दौरान कुछ स्टूडेंट्स सामान्य दिखने वाले चश्मे पहनकर बैठे थे. जांच में पता चला कि वे ‘रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेस’ (Ray-Ban Meta Glasses) थे. इन स्मार्ट चश्मों में छिपे कैमरे और AI फीचर्स का इस्तेमाल करके छात्र धड़ल्ले से पेपर लीक कर रहे थे और बाहर बैठे अपने दोस्तों से उत्तर हासिल कर रहे थे.
टेक्नोलॉजी के इस गलत इस्तेमाल ने कॉलेज प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा जगत में नई बहस छेड़ दी है. अब तक परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और स्मार्टवॉच पर तो सख्त पाबंदी थी, लेकिन नजर के चश्मे के रूप में आई इस नई ‘सेंधमारी’ ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. पकड़े गए स्टूडेंट्स के खिलाफ कॉलेज ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. जानिए पुणे के मशहूर इंजीनियरिंग कॉलेज में नकल के इस ‘मेटा खेल’ को कैसे अंजाम दिया जा रहा था और पूरा मामला क्या है.
